PCOS की प्रॉब्लम में लाभदायी  योगासन

पॉलीसिस्टिक ओवेरियन सिंड्रोम  हार्मोन के असंतुलन से होने वाली प्रॉब्लम हैं  ये असंतुलन होने के कई कारन हो सकते है  इसमें आयुर्वेद और योग के द्वारा आशातीत लाभ मिलता हैं

 बद्धकोणासन 

इस आसान से श्रोनिस्थीत  सभी अंगो  की मूवमेंट होकर उन्हें स्टिमुलेशन मिलता है रक्तप्रवाह बढ़ता है ,वायु की गति प्राकृत होने लगती है  और स्त्रियों के गर्भाशय ,बीज सम्ब्धित  बीमारियों  में करने योग्य,इसे तितली आसन भी कहते है।  

भुजंगासन

इस आसन के नियमित सराव से गर्भाशय और ओवरी सुदॄढ और कार्यक्षम बनते है।

सर्वांगासन 

 इस आसन से प्रजनन संस्था के सभी अंगो को पर्याप्त ब्लड मिलता है स्नायुओंको बल मिलता है और  इन अंगो की कार्यक्षमता  बढ़ती है। 

 धनुरासन 

स्त्रियों के लिए ये बहोत ही लाभदायी आसन है पेट की चरबी  कम होने के साथ रिप्रोडक्टिव सिस्टिम की बीमारियों में उपयोगी आसन। 

 पश्चिमोत्तनासन 

 ये आसन थोड़ा कठिन है पर  पेट के सभी अंगो  की कार्यक्षमता  बढ़ती है ,जिन्हे पीठ के प्रॉब्लम है उन्हें ये आसन  नहीं करना है। 

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