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कटहल /जैकफ्रूट

kathal ke health benefits
kathal ke health benefits

कटहल के वृक्ष बड़े ही सुन्दर और एवरग्रीन होते हैं। मुझे याद हैं बचपन में मेरे दादाजी के घर के पास ही दो बड़े कटहल के पेड़ थे जिसपर  लगे बड़े बड़े कटहल देखकर हम बच्चो को बड़ा आश्चर्य  होता था। कटहल प्राचीन वृक्ष है। भारत और श्रीलंका में परंपरागत चिकित्सा में इसका उपयोग पहले से ही किया जा रहा है।  बांग्लादेश का नॅशनल फ्रूट कटहल है।कटहल से खाने के लिए अनेक डिशेस बनायीं जाती हैं जिसमे डेज़र्ट से लेके देसी सब्जी ,कटहल बिर्याणी भी हैं। आजकल प्लांट बेस्ड फ़ूड का उपयोग हेल्थ के लिए कितना होता है इसपर काफी रिसर्च हो रहा है , कटहल  पोषकतत्वों  से भरपूर होने से इससे कई हेल्थ बेनिफिट मिलते है।

जैकफ्रूट /कटहल क्या हैं ?

कटहल के वृक्ष वो है जो बड़े बड़े कटहल फ्रूट को अपने ऊपर  धारण करते है ,इन्हे जैक ट्री भी कहा जाता है। कटहल के पेड़ लगभग १० से २० मीटर तक बढ़ते है। और ट्रंक का डायमीटर ३० से ८० सेंटीमीटर का होता है जिसपर लगे होते है कटहल के फल  !जैकफ्रूट ५-१० kg तक होते है कई प्रजाति में  तो इन फलो का वजन ३५ kg तक भी पाया जाता है। इनके पत्ते ,बीज ,मूल ,त्वचा ,फल अदि सभी का आयुर्वेद औषधियों में उपयोग किया जाता है। एक कटहल में १०० से ५०० तक बीज आते है जिनको खाने में इस्तेमाल भी किया जाता है या उसकी पाउडर भी बनायीं जाती है। एक कटहल पेड़ से सालभर में १५० तक कटहल मिल जाते है। कटहल बड़े ही स्वादिष्ट, स्वीट और जूसी होते है। अप्रैल से जून तक  इन फलो  का सीजन होता  है।  देश विदेश में शाकाहारी प्रवृति बढ़ाने के लिए कटहल खाने की सलाह दी जा रही है और ये  वेज मीट से प्रसिद्ध हैं। 

कटहल की उत्पत्ती

साउथ इंडिया इसका ओरिजिन माना जाता है बाकी बांग्लादेश,मलेसिआ ,श्रीलंका आदि एशियाई  देशो में और सेंट्रल अफ्रीका में इनका उत्पादन बड़ी मात्रा में लिया जाता हैं। 

भारत में कर्नाटक ,केरल,तमिलनाडु ,और महाराष्ट्र में कोंकण की तरफ कटहल ज्यादा मात्रा में आता  हैं। 

कटहल विविध भाषाओ में

लैटिन                   Artocarpus heterophyllus

इंग्लिश                 जैकफ्रूट 

मराठी                  फणस 

कन्नड़                   हलासु ,हलासु मारा 

मल्यालम             चक्का ,पिलावो 

तेलगु                   पनसचेटू 

गुजराती              पनस ,कटहल 

तमिल                 मुरसाबलम 

संस्कृत                पनस ,बृहत्फल ,आशय फल , कंटकीफल ,आमाशयफल। 

 

कटहल में पोषकतत्व

100 ग्राम कटहल में 
 
 प्रोटीन        2  ग्राम 
 
 फैट           0 .4 ग्राम 
 
 फाइबर      3 ग्राम 
 
विटामिन     A , C , B  
 
मैग्नीशियम,पोटैशियम ,फॉस्फोरस ,कॉपर और कैल्सियम मिलता है। कैल्सियम 20 -30 mg और पोटैशियम 190 से 400 mg मात्रा में मिलता है। 
फलों में ये अलग फल है जिसमे एक कटोरी  कटहल में  2 ग्राम प्रोटीन आपको मिल जायेगा। 
विटामिन बी में फोलिक एसिड ,राइबोफ्लेविन,नियासिन ,बायोटिन  ये सभी जैकफ्रूट में मौजूद है। 

आयुर्वेद में कटहल का वर्णन

धन्वन्तरि निघण्टु,भावप्रकाश ,कैयदेव निघण्टु ,राजनिघण्टु  आदि  ग्रंथो में कटहल का वर्णन उपलब्ध है। 

पूर्ण पक्व कटहल के गुण

पनसं शीतलं पक्वं स्निग्धं पित्तनिलापहं। 
तर्पणं  ब्रुह्ननम् स्वादु मासलं श्लेष्मलं भृशम्। 
बल्यं शुक्रप्रदं हन्ति रक्तपित्त क्षत् व्रणान।            भावप्रकाश
 
 
  •  पके हुए कटहल गुणधर्म में शीत और मधुर होते है पित्त और वात का शमन करते है। कटहल गुरु याने पचाने में कठिन है हेवी होते हैं।

 

  •  शरीर का तर्पण करते है ,वजन बढ़ाने में जैकफ्रूट सहायक है। 

  • शरीर में होनेवाले ज्यादा bile फॉर्मेशन की रोकथाम कटहल से होती हैं। 

  • शरीर की इम्युनिटी और स्ट्रेंथ भी इससे बढ़ती है। 

  • कटहल वातदोष से निगडित अनेक समस्या में उपयोगी है। 

  • भारत और श्रीलंका में इसका उपयोग डायबिटीस में परम्परासे किया जाता है और अभी रिसर्च में भी इसकी पुष्टि हो रही  है की कटहल के बीज ,पत्ते और फल की पाउडर शुगर को कण्ट्रोल करने में सहायक हैं। 

  • आमाशय सम्भधीत बीमारियोमे जैसे गैस्ट्रिक अलसर में भी इसका उपयोग आयुर्वेद में किआ जाता है। 

  • भोजनकुन्थल ग्रन्थ में इसे पचने में कठिन बताते हुए ये भी कहा है की शरीर का निर्माण जिन धातुओंसे होता है उनका पोषण पके हुए कटहल खाने से होता हैं। 

  • राजनिघण्टु में इसे त्वचा के रोगों में उपयुक्त कहा हुआ हैं। 

  • चीन में तो इस फल का उपयोग अल्कोहल के हैंगओवर में भी करते है। 

 

रिसर्च अनुसार कटहल के फायदें 

  • ब्लड शुगर कण्ट्रोल के लिए कटहल 
ग्लायसेमिक इंडेक्स कम होने से ये डायबेटिस में उपयोगी है। और इसमें मौजूद फाइबर प्रोटीन ,एंटीऑक्सीडेंट्स शुगर को कण्ट्रोल करने में हेल्प करते है। 

  • इम्युनिटी में हेल्पफुल कटहल 
विटामिन A और C शरीर को बीमारियोसे बचाके रखते है और शरीर की इम्युनिटी को ताकत देते हैं। ये विटामिन्स कटहल में प्रचुर हैं। एंटीऑक्सीडेंट्स होने से गंभीर बीमारियोसे संरक्षण हो जाता है। 
  • ओरल हेल्थ  और स्किन के लिए कटहल लाभकारी 
कटहल विटामिन C का अच्छा स्त्रोत है। विटामिन C स्किन का डैमेज होने से बचाता हैं। 
विटामिन C से  कोलेजन की निर्मिति उसकी मजबुती और ताकत बढ़ती  है जिसके आधार पर स्किन का स्वास्थ्य मेन्टेन होता हैं। और विटामिन C ओरल हेल्थ में भी महत्वपूर्ण हैं। 
  • कटहल विटामिन B कॉम्पलेक्स का स्त्रोत 

कटहल उन दुर्लभ फलो में से एक है जिनमे विटामिन B कॉम्प्लेक्स ग्रुप शामिल है। इसमे पायरीडॉक्सीन राइबोफ्लेविन ,फोलिक एसिड ,नियासिन है। ये सभी एनर्जी मेटाबोलिज़म ,नर्व का प्रॉपर फंक्शन होने के लिए और कुछ हार्मोन के सिंथेसिस के लिए काम करते है। पायरीडॉक्सीन याने विटामिन B 6 से हार्ट डिसीज़ की रिस्क होती है। 

  • कटहल अस्थि और मसल्स की ताकत के लिए लाभदायक 
कटहल में मौजूद पोटेसियम बोन की मिनरल डेंसिटी में इफेक्टिव है जिससे हड्डियों की ताकत बनी रहती है। पोटेसियम से हार्ट ,मसल्स और हड्डियों का प्रोटेक्शन होता है इसलिए डाइट में इसे मौजूद फलों और सब्जियों का सेवन जरुरी हैं। कटहल में पोटैसियम प्रचुर मात्रा में हैं। 

  • आँतो (colon ) के स्वास्थ्य में कटहल 
कटहल में मौजूद फाइबर आन्त्र के म्यूकस मेम्ब्रेन को सुरक्षित रखता है ,आंतो की मूवमेंट  को प्रॉपर रखते हुए कॉन्स्टीपेशन को कम करता हैं। 
 

कटहल की रेसिपीज़ 

  • कटहल के कटलेट 
  • कटहल बिर्याणी 
  • कटहल करी 
  • फ्राइड कटहल 
  • कटहल चिप्स ,कटहल अचार 
  • कटहल की सब्जी 
  • कटहल से चक्कावारति (जैकफ्रूट जैम ) एक केरल की स्वीट डिश भी बनती है जिसे महीनों तक उपयोग में लाया जाता हैं। 
  • कटहल के टुकड़ो को धुप में सुखाकर नेचुरल  कैंडीज भी बनायीं जाती हैं। 
  • कटहल जैम ,जूस ,आइसक्रीम 

By admin

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