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 बीटरूट /चुकंदर

beetroot ke fayde

सब्जी मार्किट में जाने के बाद एक आकर्षक सब्जी पर नजर जरूर पड़ती है वो है चुकुन्दर , बीटरूट के नाम से इसे सभी  जानते है जूस ,सलाद ,अचार ,रायता आदि इससे बनाते है पर अभी कास्मेटिक में भी इसका भरपूर उपयोग हो रहा हैं इसमें पाए जाने वाले पोषक तत्वों से  स्वास्थ्य से निगडित कई समस्या में लाभ मिलते है स्किन के लिए भी ये एक अच्छा इनग्रेडिएंट है जिससे घर में हम अपनी त्वचा के अनुसार बीटरूट का उपयोग कर सकते है।

बीटरूट का सीजन

अक्टूबर नवम्बर में याने ठंडी के मौसम में ये काफी नाजुक छोटे छोटे रहते है तभी से लेके गर्मियों तक  इसका उपयोग किया जाता है। सीजन में जो फल आता है तभी इसका उपयोग अपने डाइट में करना चाहिए।

बीटरूट के अलग अलग भाषाओं में नाम

मराठी     बीट मूळ

हिन्दी      चुकंदर

इंग्लिश    बीटरूट

तमिल       पिड़रूड

संस्कृत    पालङ्गशाकः

लैटिन       बीटा वल्गारिस

बीटरूट में पाए  जाने वाले पोषकतत्व

विटामिन  A , C , B6

पानी   ८८ %

शक़्कर  ७ ग्राम

फाइबर

प्रोटीन

इसके अलावा बीटरूट में फोलिएट ,मैगनीज़ ,पोटैशियम और बेटालिन पाया जाता हैं। बीटरूट और उसके पत्तों में एंटीऑक्सीडेंट्स और एन्टीइन्फ्लमेटरी गुणधर्म  है। सब्जियोमे सबसे ज्यादा शक्कर का प्रमाण बीटरूट में ही हैं।

बीटरूट जूस का उपयोग और फायदें

बीटरूट का आयुर्वेद अनुसार दोषो पर प्रभाव

बीटरूट वात प्रकृति लोगो के लिए बेहतर हैं ,पर पित्त और कफ प्रकृति के लोग इसे सीमित मात्रा में प्रयोग करें।

बीटरूट जूस एनर्जी के लिए

बीटरूट पकाकर खाने के बजाए अगर जूस के फॉर्म में इसे लें  तो ये एक  मीठा  एनर्जी ड्रिंक है  देखा गया है की एक्सरसाइज़  या कोई एथेलेटिक्स परफॉर्मन्स  के दौरान इस जूस से स्टैमिना बढ़ता है। रिसर्च आर्टिकल के लिए एनर्जी ड्रिंक पर क्लीक करें। बीटरूट जूस  में एंटीऑक्सीडेंट्स और नेचुरल शुगर होने से स्टैमिना बढ़ता है।

उचित रक्तप्रवाह से दिमाग भी एक्टिव हो जाता है याने ब्रेन के फंक्शन में भी इससे सुधार देखा गया है अगर आप कुछ भूल रहे है ,चीजों को भूल रहे है तो बीटरूट को डाइट में शामिल करें भुलक्कड़पन कम हो जाएगा।

बीटरूट ब्लड प्रेशर में

बीटरूट में  नाइट्रेट होता है जो शरीर में जाने के बाद नाइट्रिक एसिड में परिवर्तित होता है जो  रक्तकोशिकाओं को शिथिल  dilate कर देता है जिससे रक्ताभिसरण प्रक्रिया ठीक होने लगती है रक्त का प्रवाह  सही होने लगता है जिससे ब्लडप्रेशर कम हो जाता हैं ,जिन्हे हाई ब्लूडप्रेशर है वो  इसका जूस  ले सकते हैं।

लिवर  के स्वास्थ्य के लिए बीटरूट

लिवर की शुद्धि के लिए बीटरूट जूस  ले। इसके एंटीऑक्सीडेंट्स,आयरन ,विटामिन A ,C, B 6  लिवर में जमा टॉक्सिन्स को  कम करते है जिससे लिवर का कार्य सुचारु रूप से चलता है। बीटरूट के बेटाइन  तत्व लिवर को टॉक्सिन्स  से  बचाके  रखते है।

एनीमिया के लिए बीटरूट जूस

आयरन  डिफिसिएन्सी एनीमिया जो भारत में सामन्यतः देखने को मिलता है इसके लिए डाइट में आइरन  से भरपूर बीटरूट का इस्तेमाल जरूर करे। जूस लेते है तो उसमे  गाजर भी मिक्स कर सकते हैं और निम्बू ,नमक ,पुदीने के पत्ते,आदि से गैस या अपचन नहीं होगा  और जूस का स्वाद बढ़ेगा।  डेली एक व्यक्ति के लिए 200 ml बीटरूट जूस काफी है।          हीमोग्लोबिन के स्तर को सुधारने के उपाय 

स्किनकेयर में बीटरूट का इस्तेमाल

अगर एनीमिया है तो भी स्किन का ग्लो कम हो जाता है निस्तेज त्वचा हो जाती  है। बीटरूट जूस से हीमोग्लोबिन लेवल बढ़ता है , ब्लड फ्लो ठीक होता है जिससे नैचुरली त्वचा ठीक होने लगती  है।

त्वचा को बाहर से भी लगाने के लिए बीटरूट का इस्तेमाल कर सकते है।

अगर आपके हाथो में बहोत ड्राईनेस है , तो ये कर के देखें                                                                                                                                                                                                                                                           एक  बीटरूट ले ,उसे  छोटे टुकड़ो में कट कर के आधा लीटर पानी में  उबाल ले  पानी को गुनगुना होने के बाद  इसमें हाथ १० मिनट तक डालकर रखें कुछ दिन के बाद आपकी त्वचा नार्मल हो जाएगी खुरदरापन कम हो जायेगा।

फेस का ग्लो बढ़ाने के लिए बीटरूट कैसे इस्तेमाल कर सकते है ?

बीटरूट का स्लाइस लेके ,डायरेक्टली फेस पर मसाज करें। बीटरूट में विटामिन C  और एंटीऑक्सीडेंट्स होने से मुहासे, चेहरे  के दाग  कम होते है ,त्वचा सॉफ्ट बनकर दमकती हैं।

बीटरूट का फेसपैक घर में बनाकर अप्लाई कर सकते है , बीटरूट की पेस्ट करके उसमें त्वचा की टाइप अनुसार जैसे ऑयली स्किन हो तो शहद  के साथ पेस्ट मिक्स कर  चेहरे पर  लगाए ,ड्राई स्किन के लिए माखन के साथ ये पेस्ट मिक्स कर ये फेसपैक चेहरे पर लगा सकते है।

बालो के लिए बीटरूट का उपयोग

बीटरूट में कैल्सियम होने से बालो का झड़ना ,टूटना आदि कम हो  जाता है। बीटरूट  के नाजुक पत्तो का जूस बालो के लिए उपयोग किए  जाने वाले लेप , जैसे हीना पावडर या दशमूल हेयर लेप इनमे पत्तो का जूस डालकर लगाए इससे नए बाल आना शुरू होता है हफ्ते में दो बार बालो को लेप लगाए। बालो में रुसी हो तो कोकोनट आयल में पत्तो का दो चमच जूस मिलकर लगा ले बाद में बालो को धो दे इससे बालो से रूसी ,सर की खुजली आदि कम  हो जाएगी।

मेन्सुरल साइकिल की प्रॉब्लम में बीटरूट का प्रयोग

MC  के दौरान कम  फ्लो जाता हो एक या दो दिन ही ब्लीडिंग होती हो ,रेगुलर MC नहीं हो तो इसके बहोत सारे कारण होते है जैसे PCOD ,खून की कमी या एनीमिया ,या गर्भाशय से जुडी कुछ समस्याए हो सकती हैं  पर एनीमिया  इसका कारण हो तो  बीटरूट से मदद मिल जाएगी क्योकि इसमें आयरन की मात्रा  होने से एनीमिया ठीक  हो जायेगा और इससे  रिलेटेड प्रॉब्लम कम हो जाएंगे।

हाई कोलेस्ट्रॉल में बीटरूट का प्रयोग

बीटरूट में फ्लेवेनॉयड्स होते है जो टोटल कोलेस्ट्रॉल और TRYGLYCERIDES  को कम करते है , फैट्स और कैलोरीज न के बराबर होने से वेटलॉस के लिए भी बीटरूट जूस बेहतर ड्रिंक हैं।

बीटरूट  कब्ज की समस्या में

बीटरूट में अच्छी  मात्रा में फाइबर है , और बीटरूट जूस पाचन प्रक्रिया  को ठीक करने में भी हेल्पफुल है जिससे कब्ज की समस्या ठीक हो जाती हैं।

बीटरूट जूस कितना ले सकते हैं ?

नार्मल स्वस्थ व्यक्ति 200  ML  जूस सीजन में सुबह खाली पेट ले सकते हैं। डेली लेने के बजाए  कुछ अलग अलग  स्वास्थ्यकर  पेय भी है उन्हें ले ,अगर कुछ बीमारी है तो डॉक्टर सलाह अनुसार इसका प्रयोग करे खासकर जिन्हे डाईबेटिस है या  लो ब्लडप्रेशर है  जिन्हे ऑक्सालेट किडनी स्टोन  की प्रॉब्लम है वो लोग।

बीटरूट का  साइड इफ़ेक्ट

कुछ लोगो में  यूरिन का या स्टूल का कलर चेंज होता हैं  बाकि इस जूस लेने से कोई हानिकारक परिणाम नहीं पाए गए है।

By admin

3 thoughts on “जानिए बीटरूट/चुकंदर के पोषकतत्व, स्वास्थ्य के लिए उपयोग और फायदें”

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